Warning: include(domaintitles/domaintitle_cdn.exoticindia.php3): failed to open stream: No such file or directory in /home/exotic/newexotic/header.php3 on line 751

Warning: include(): Failed opening 'domaintitles/domaintitle_cdn.exoticindia.php3' for inclusion (include_path='.:/usr/lib/php:/usr/local/lib/php') in /home/exotic/newexotic/header.php3 on line 751

Subscribe for Newsletters and Discounts
Be the first to receive our thoughtfully written
religious articles and product discounts.
Your interests (Optional)
This will help us make recommendations and send discounts and sale information at times.
By registering, you may receive account related information, our email newsletters and product updates, no more than twice a month. Please read our Privacy Policy for details.
.
By subscribing, you will receive our email newsletters and product updates, no more than twice a month. All emails will be sent by Exotic India using the email address [email protected].

Please read our Privacy Policy for details.
|6
Sign In  |  Sign up
Your Cart (0)
Best Deals
Share our website with your friends.
Email this page to a friend
Books > Performing Arts > Instruments > 15 दिन में हारमोनियम सीखिए: Learn Harmonium in 15 Days
Subscribe to our newsletter and discounts
15 दिन में हारमोनियम सीखिए: Learn Harmonium in 15 Days
Pages from the book
15 दिन में हारमोनियम सीखिए: Learn Harmonium in 15 Days
Look Inside the Book
Description

दो शब्द

हारमोनियम वाद्य एक विदेशी वाद्य है। जब अंग्रेजों ने भारत के शासन की बागडोर अपने हाथ में ली थी तो वे अपने साथ संगीत के वाद्य-यंत्र पियानो, ऑर्गन, हारमोनियम तथा वायलिन आदि लाए । कुछ ही दिनों में हारमोनियम वाद्य भारत में इतना लोकप्रिय हो गया कि राज-प्रासादों से लेकर निर्धन-कुटीर तक सभी स्थानों में इसकी ध्वनि सुनाई देने लगी । शास्त्रीय संगीत में भी इसने सारंगी के साथ-साथ अपना स्थान प्राप्त कर लिया । आज प्रत्येक महफिल, टेलीविजन, रेडियो स्टेशन, रिकार्डिंग कम्पनी तथा फिल्म जगत में यह वाद्य अपना प्रभुत्व जमा चुका है।

इस वाद्य को बजाने के लिए मैंने 15 दिन का पाठ्यक्रम इस पुस्तक में रखा है । मेरा विश्वास है कि यदि विद्यार्थी तथा संगीत-प्रेमी इस पाठ्यक्रम को ध्यानपूर्वक ग्रहण करेंगे तो अवश्य ही वे इस वाद्य को बजाने में सफलता प्राप्त कर लेंगे ।

मैंने इस पाठ्यक्रम में हारमोनियम के अंगों से लेकर उसके बजाने की विधि, पदों पर उँगलियों का चलन, प्रत्येक पर्दे से सातों स्वरों की उत्पत्ति और उसके साथ ही संगीत का शास्त्रीय परिचय लय, ताल आदि के साथ दिया है ।

आजकल जनता में फिल्मी धुन बजाने का अधिक शौक है । मैंने कई वर्ष पूर्व एक फिल्मी हारमोनियम गाइड लिखी थी, जिसका 'हिन्दी पुस्तक भंडार' चावड़ी बाजार, दिल्ली-6, उन्नीसवां संस्करण छाप चुका है । इसमें नवीनतम फिल्मों की धुनें दी गई हैं । प्रस्तुत पाठ्यक्रम के अन्दर मैंने धुनों के मूल कारण को छात्रों तक पहुंचाने का प्रयत्न किया है। फिल्मी जगत में जितनी भी नवीनतम धुनें बनाई जाती हैं, उनका आधार शास्त्रीय संगीत ही होता है । कुछ धुनें तो शास्त्रीय संगीत में ही बनाई जाती हैं । जैसे 'मन तड़पत हरिदर्शन' यह धुन मालकौंस राग की है । फिल्मी धुन बजाने में कोई भी कठिनाई नहीं होगी ।

इस पाठ्यक्रम में शास्त्रीय संगीत के मूल 10 ठाठों के अधिकतम प्रचलित रागों का परिचय, उनके गानों, छोटे और बड़े ख्याल, ताल, सरगम, भजन आदि इस क्रम से दिए हैं कि शिक्षार्थी को उसके अभ्यास करने, समझने तथा गाने-बजाने में कोई कठिनाई न हो और वे स्वयं अन्य किसी प्रकार की सहायता के बिना, संगीत-ज्ञान के साथ-साथ हारमोनियम बजाना तथा उसके साथ गाना भी सीख सकते हैं ।

पन्द्रह दिन का यह पाठ्यक्रम देखने में अनुपम और अभूतपूर्व शैली है । इस शैली से विद्यार्थी को वह पूरा ज्ञान प्राप्त हो जाएगा, जो उसे साधारण शिक्षा-संस्थानों से वषों में प्राप्त होता है । इस कोर्स को पूरा करने के पश्चात् केवल साधना मात्र शेष रह जाती है जिसे वह स्वयं पूरा कर सकता है। इसी शैली में मैंने अन्य 4 पुस्तकें, 15 दिन में गिटार सीखिये, सितार सीखिये, वायलिन सीखिये, ताल-वाद्य में तबला, मृदंग, कोंगो तथा बोंगो सीखिये और आरकेस्ट्रा में मेण्डोलिन, बैंजो, पियानो एकोर्डियन सीखिये, भी लिखी हैं । आशा है कि संगीत-प्रेमी इन पुस्तकों से अवश्य ही लाभ उठाएंगे ।

संगीत-प्रेमियों तथा विद्वानों से मेरा अनुरोध है कि इस शैली की पुस्तकों में जो कमी उन्हें दिखाई दे, उसके विषय में मुझे सूचित करने का कष्ट करें, जिससे कि आगामी संस्करणों में उसे दूर किया जा सके और छात्र उनके सहयोग एवं विचारों से लाभान्वित हो सकें ।


Sample Page









15 दिन में हारमोनियम सीखिए: Learn Harmonium in 15 Days

Item Code:
NZD244
Cover:
Paperback
Edition:
2015
Publisher:
ISBN:
9788122304961
Language:
Hindi
Size:
9.5 inch X 7.0 inch
Pages:
10(112 B/W illustrations)
Other Details:
Weight of the Book: 205 gms
Price:
$15.00   Shipping Free
Look Inside the Book
Add to Wishlist
Send as e-card
Send as free online greeting card
15 दिन में हारमोनियम सीखिए: Learn Harmonium in 15 Days

Verify the characters on the left

From:
Edit     
You will be informed as and when your card is viewed. Please note that your card will be active in the system for 30 days.

Viewed 206005 times since 8th Jul, 2019

दो शब्द

हारमोनियम वाद्य एक विदेशी वाद्य है। जब अंग्रेजों ने भारत के शासन की बागडोर अपने हाथ में ली थी तो वे अपने साथ संगीत के वाद्य-यंत्र पियानो, ऑर्गन, हारमोनियम तथा वायलिन आदि लाए । कुछ ही दिनों में हारमोनियम वाद्य भारत में इतना लोकप्रिय हो गया कि राज-प्रासादों से लेकर निर्धन-कुटीर तक सभी स्थानों में इसकी ध्वनि सुनाई देने लगी । शास्त्रीय संगीत में भी इसने सारंगी के साथ-साथ अपना स्थान प्राप्त कर लिया । आज प्रत्येक महफिल, टेलीविजन, रेडियो स्टेशन, रिकार्डिंग कम्पनी तथा फिल्म जगत में यह वाद्य अपना प्रभुत्व जमा चुका है।

इस वाद्य को बजाने के लिए मैंने 15 दिन का पाठ्यक्रम इस पुस्तक में रखा है । मेरा विश्वास है कि यदि विद्यार्थी तथा संगीत-प्रेमी इस पाठ्यक्रम को ध्यानपूर्वक ग्रहण करेंगे तो अवश्य ही वे इस वाद्य को बजाने में सफलता प्राप्त कर लेंगे ।

मैंने इस पाठ्यक्रम में हारमोनियम के अंगों से लेकर उसके बजाने की विधि, पदों पर उँगलियों का चलन, प्रत्येक पर्दे से सातों स्वरों की उत्पत्ति और उसके साथ ही संगीत का शास्त्रीय परिचय लय, ताल आदि के साथ दिया है ।

आजकल जनता में फिल्मी धुन बजाने का अधिक शौक है । मैंने कई वर्ष पूर्व एक फिल्मी हारमोनियम गाइड लिखी थी, जिसका 'हिन्दी पुस्तक भंडार' चावड़ी बाजार, दिल्ली-6, उन्नीसवां संस्करण छाप चुका है । इसमें नवीनतम फिल्मों की धुनें दी गई हैं । प्रस्तुत पाठ्यक्रम के अन्दर मैंने धुनों के मूल कारण को छात्रों तक पहुंचाने का प्रयत्न किया है। फिल्मी जगत में जितनी भी नवीनतम धुनें बनाई जाती हैं, उनका आधार शास्त्रीय संगीत ही होता है । कुछ धुनें तो शास्त्रीय संगीत में ही बनाई जाती हैं । जैसे 'मन तड़पत हरिदर्शन' यह धुन मालकौंस राग की है । फिल्मी धुन बजाने में कोई भी कठिनाई नहीं होगी ।

इस पाठ्यक्रम में शास्त्रीय संगीत के मूल 10 ठाठों के अधिकतम प्रचलित रागों का परिचय, उनके गानों, छोटे और बड़े ख्याल, ताल, सरगम, भजन आदि इस क्रम से दिए हैं कि शिक्षार्थी को उसके अभ्यास करने, समझने तथा गाने-बजाने में कोई कठिनाई न हो और वे स्वयं अन्य किसी प्रकार की सहायता के बिना, संगीत-ज्ञान के साथ-साथ हारमोनियम बजाना तथा उसके साथ गाना भी सीख सकते हैं ।

पन्द्रह दिन का यह पाठ्यक्रम देखने में अनुपम और अभूतपूर्व शैली है । इस शैली से विद्यार्थी को वह पूरा ज्ञान प्राप्त हो जाएगा, जो उसे साधारण शिक्षा-संस्थानों से वषों में प्राप्त होता है । इस कोर्स को पूरा करने के पश्चात् केवल साधना मात्र शेष रह जाती है जिसे वह स्वयं पूरा कर सकता है। इसी शैली में मैंने अन्य 4 पुस्तकें, 15 दिन में गिटार सीखिये, सितार सीखिये, वायलिन सीखिये, ताल-वाद्य में तबला, मृदंग, कोंगो तथा बोंगो सीखिये और आरकेस्ट्रा में मेण्डोलिन, बैंजो, पियानो एकोर्डियन सीखिये, भी लिखी हैं । आशा है कि संगीत-प्रेमी इन पुस्तकों से अवश्य ही लाभ उठाएंगे ।

संगीत-प्रेमियों तथा विद्वानों से मेरा अनुरोध है कि इस शैली की पुस्तकों में जो कमी उन्हें दिखाई दे, उसके विषय में मुझे सूचित करने का कष्ट करें, जिससे कि आगामी संस्करणों में उसे दूर किया जा सके और छात्र उनके सहयोग एवं विचारों से लाभान्वित हो सकें ।


Sample Page









Post a Comment
 
Post Review
  • hi
    by SHAKTIVEIL on 21st Jul 2016
Post a Query
For privacy concerns, please view our Privacy Policy
Based on your browsing history
Loading... Please wait

Items Related to 15 दिन में हारमोनियम सीखिए:... (Performing Arts | Books)

Learn to Play on Harmonium
by Ram Avtar 'Vir'
Paperback (Edition: 2004)
Pankaj Publications, New Delhi
Item Code: IDF286
$16.50
Add to Cart
Buy Now
Handbook of Harmonium (History, Anatomy, Learning, Maintenance)
by Pankaj+Vishal
Paperback (Edition: 2008)
Pankaj Publications, New Delhi
Item Code: IHJ077
$11.50
Add to Cart
Buy Now
Vaishnava Harmonium (Based on the North Indian System of Music): Book 1 and 2 with Two CDs
Deal 10% Off
by Ramanujacharya Das
Hardcover (Edition: 2010)
Ras Bihari Lal and Sons
Item Code: IDJ145
$37.50$33.75
You save: $3.75 (10%)
Add to Cart
Buy Now
Handbook of Sarod (History, Anatomy, Learning, Maintenance)
by Pankaj+Vishal
Paperback (Edition: 2008)
Pankaj Publications, New Delhi
Item Code: IHJ078
$15.00
Add to Cart
Buy Now
2014 & 2015 Tamil Film Hit Songs Notes in Western (Easy Way to Learn with Notation)
Paperback (Edition: 2016)
K. Ramani
Item Code: NAM275
$15.00
Add to Cart
Buy Now
My Pursuit of Music
by Govindrao Tembe
Paperback (Edition: 2014)
Bharatiya Vidya Bhavan
Item Code: NAK044
$20.00
Add to Cart
Buy Now
Essays on Music
Item Code: NAE664
$35.00
Add to Cart
Buy Now
The Yoga of Kirtan - Conversation on The Sacred Art of Chanting
by Steven Rosen
Paperback (Edition: 2018)
Rasbihari Lal & Sons
Item Code: NAO255
$30.00
Add to Cart
Buy Now
Arts Education (Resource Book for Teachers)
Item Code: NAI211
$20.00
Add to Cart
Buy Now
Testimonials
I have always been delighted with your excellent service and variety of items.
James, USA
I've been happy with prior purchases from this site!
Priya, USA
Thank you. You are providing an excellent and unique service.
Thiru, UK
Thank You very much for this wonderful opportunity for helping people to acquire the spiritual treasures of Hinduism at such an affordable price.
Ramakrishna, Australia
I really LOVE you! Wonderful selections, prices and service. Thank you!
Tina, USA
This is to inform you that the shipment of my order has arrived in perfect condition. The actual shipment took only less than two weeks, which is quite good seen the circumstances. I waited with my response until now since the Buddha statue was a present that I handed over just recently. The Medicine Buddha was meant for a lady who is active in the healing business and the statue was just the right thing for her. I downloaded the respective mantras and chants so that she can work with the benefits of the spiritual meanings of the statue and the mantras. She is really delighted and immediately fell in love with the beautiful statue. I am most grateful to you for having provided this wonderful work of art. We both have a strong relationship with Buddhism and know to appreciate the valuable spiritual power of this way of thinking. So thank you very much again and I am sure that I will come back again.
Bernd, Spain
You have the best selection of Hindu religous art and books and excellent service.i AM THANKFUL FOR BOTH.
Michael, USA
I am very happy with your service, and have now added a web page recommending you for those interested in Vedic astrology books: https://www.learnastrologyfree.com/vedicbooks.htm Many blessings to you.
Hank, USA
As usual I love your merchandise!!!
Anthea, USA
You have a fine selection of books on Hindu and Buddhist philosophy.
Walter, USA
Language:
Currency:
All rights reserved. Copyright 2019 © Exotic India