संगीत निबन्धावली: Essays on Indian Music
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संगीत निबन्धावली: Essays on Indian Music

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Item Code: HAA214
Author: डा. लक्ष्मी नारायण गर्ग: (Dr. Lakshmi Narayan Garg)
Publisher: Sangeet Karyalaya Hathras
Language: Hindi
Edition: 2006
ISBN: 8158057060
Pages: 216
Cover: Paperback
Other Details 8.0 inch X 5.0 inch
Weight 170 gm
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आमुख

संगीत कार्यालय, हाथरस का यह नया प्रकाशन संगीत निबन्धावली के नाम से प्रसिद्ध होने जा रहा है। इसमें सन्देह नहीं कि इस समय, जबकि संगीताभिरुचि देश भर की जनता में जाग्रत् हुईहै जनसाधारण के उपयुक्त संगीत साहित्य की माँग एवं आवश्यक्ता है। संगीत प्रेमी सज्जनों के लिए यह निबन्धावली बहुत उपयोगीएवं मनोरंजक होगी । इस प्रथम पुस्तिका में जो लेख प्रसिद्ध हुए हैं, वे एक त्रयस्थ की भूमिका में लिखे गये हैं। अतएव त्रयस्थों का तो इससे पर्याप्त मनोरंजन होगा ही, पर इसके कुछ लेख विज्ञ संगीतज्ञों का भी रंजन करेंगे ।

इस निबन्धावली का भविष्य उज्जवल रहे, यही प्रार्थना सरस्वती देवी के चरणों में है।

 

आलाप

संगीत निबन्धावली प्रस्तुत है । सगीत और नृत्य दोनों ही हमारी सम्प्रति के प्राण हैं ।वर्तमान शिक्षाप्रणाली में इन दोनों कलाओं का ऊँचा स्थान है अतएव यह आवश्यक हो गया है कि संगीत कला का विद्यार्थी संस्कृति के इस पहलू पर शास्त्रीय वृष्टि से भी विचार करे । प्रस्तुत पुस्तक में भारत के उन गण्यमान्य संगीत लेखकों के निबन्ध संगृहीत किए गय है, जिनकी भाषा में ओज और विषय में खोज है। ये निबन्ध संगीत विद्यार्थी, शिक्षकों और कलाकारों के लिए अध्ययन एवं मनन की वस्तु है। जिज्ञासुओं के हितार्थ यह संग्रह उपयोगी सिद्ध हुआ तो हमारा परिश्रम सार्थक होगा।

अन्त में हम उन सहयोगी लेखकों एवं पत्र पत्रिकाओं को हार्दिक धन्यावाद प्रेषित करते हैं, जिनके अनुग्रह का परिणाम संगीत निबन्धावली है।

 

अनुक्रम

भारतीय सगीत का इतिहास

9

भारत में सगीत की प्रगति

22

स्वातन्त्र्योत्तर काल में भारतीय संगीत का विकास

27

स्वतन्त्र भारत और शास्त्रीय सगीत

33

वैदिक और पौराणिक सगीत

41

भारतीय सगीत की वाद्ययन्त्र परम्परा

45

सितार ओर उसका विकास

53

हमारे वाद्ययन्त्र

64

संगीत और जीवन

72

सगीत की शक्ति

77

संगीत और उसकी रक्षा

84

ध्रुवपद और उसकी गायन शैली

91

शास्त्रीय सगीत व लोक गीत

94

भारतीय सगीत में ठुमरी का स्थान

99

सरल एवं शास्त्रीय संगीत की तुलना

104

संगीत में स्वर, ताल और साहित्य

111

संगीत और काव्य

118

भारतीय संगीत के रसोत्पादक अंग

126

भारतीय संगीत में सौन्दर्य बोध बालकृष्ण गर्ग

136

भारतीय संगीतज्ञ और उनकी कला

144

हिन्दुस्तानी संगीत में घराना

152

भारतीय संगीत की दो शैलियाँ

160

कर्नाटिक तथा हिन्दुस्तानी संगीत में समानता

171

नृत्य में नवरसों की अभिव्यक्ति व कथक में उनका स्थान

192

भारतीय नृत्य कला

204

संगीत, अभिनय और नृत्य

209

 

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